नेपाल में संकट और विरोध-प्रदर्शनों के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने शुरू किया काफ़ी असरदार रेस्क्यू मिशन
नेपाल में संकट नई दिल्ली / हैदराबाद, 9 सितंबर 2025 –
यह पहल उन तेलुगू परिवारों और यात्रियों को सुरक्षित नेपाल से वापस लाने के उद्देश्य से की गई है जो काठमांडू में फंसे हुए हैं।
आपातकालीन सेल की स्थापना और समन्वय
मुख्य रूप से नई दिल्ली में स्थित एक आपातकालीन सेल की स्थापना की गई है,
जो भारतीय दूतावास, नई दिल्ली और नेपाल स्थित भारतीय मिशन के साथ 24×7 समन्वय कर रही है।
इस सेल का काम प्रभावित तेलुगू परिवारों की लोकेशन की पहचान करना और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की तैयारियों का समन्वय करना है।
प्रदर्शन-प्रेरित सुरक्षा संकट जारी
काठमांडू की राजधानी में सुरक्षाकर्मी गश्त लगा रहे हैं, और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है,
ताकि विद्रोही गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सके।
नेपाल में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सेना और सुरक्षा बलों को पूरे देश में व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।
नेपालियों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की चिंताएँ
प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर हुई थी, लेकिन अब यह आम जनता की नाराज़गी और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों में बदल चुका है।
इससे नेपाल में विद्यार्थियों, प्रवासी समुदायों और खासकर तेलुगू परिवारों के बीच भारी अनिश्चितता बढ़ी है।
आंध्र प्रदेश की पहल: साहस और संवेदनशीलता की मिसाल
आंध्र प्रदेश सरकार की इस आपातकालीन कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि चाहे परिस्थिति कितनी भी गंभीर हो, एकता और त्वरित कार्यवाही से संकट को कम किया जा सकता है।
यह एक राजनीतिक और मानवतावादी दृष्टिकोण की मिसाल है — जहां तालमेल, तत्परता और यात्रा सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहे।
भविष्य की योजना और सावधानियाँ
नेता और सरकारी अधिकारी लगातार दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क में हैं, ताकि फंसे हुए लोगों की स्थिति की समीक्षा जारी रहे।
यदि हालात सामान्य होते हैं, तो यात्रियों को Nepal से वापस लाने की प्रक्रिया और तेज़ी से आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही, यात्रियों और परिवारों को मानसिक और कानूनी समर्थन प्रदान करने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।

