सीट नंबर 11A: जो मौत के बीच बन गई जीवन की ढाल
अहमदाबाद, 13 जून 2025 – एयर इंडिया फ्लाइट AI171 (बोइंग 787‑8) 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद एक हॉस्टल पर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई, लेकिन एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति थे रमेश विश्वास कुमार, जो सीट 11A पर बैठे थे। उनका यह बचाव आज पूरे देश में चमत्कार के रूप में देखा जा रहा है।
सीट 11A: जो बन गई जीवन रेखा

- आमतौर पर पीछे की सीटें सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन रमेश विश्वास की सीट 11A ने उनकी जान बचा ली
- विमान के गिरने के दौरान यह हिस्सा टूटकर अलग हो गया, जिससे वह सीट के साथ ज़मीन पर गिरे लेकिन गंभीर चोटों से बच गए।
- खुद रमेश कहते हैं, “मुझे लगा अब जीवन खत्म हो गया है, लेकिन अगले ही पल मैं ज़मीन पर था।”
दुर्घटना की पूरी कहानी
विमान टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही इंजन फेल होने के कारण नीचे गिरा।
हॉस्टल की इमारत से टकराकर विमान में आग लग गई।
रमेश सीट से बंधे थे और गिरते वक्त उनकी सीट धक्के से बाहर निकल गई।
आसपास चारों ओर धुआं, आग और शव थे – लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
रमेश विश्वास बोले – “मैं भागा, बस जान बचानी थी”
“चारों तरफ सिर्फ लाशें थीं… मैं उठते ही बस भागा। ईश्वर ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है।”
– रमेश विश्वास कुमार, जीवित बचे एकमात्र यात्रीhttps://www.youtube.com/watch?v=dfK4QPtAzx0
प्रधानमंत्री मोदी ने की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल जाकर रमेश से मुलाकात की और कहा कि उनका बचाव किसी चमत्कार से कम नहीं। सरकार ने उन्हें हरसंभव सहायता देने की घोषणा की है।
क्या अंक ज्योतिष ने दिखाई थी चेतावनी?
खास बात यह है कि रमेश वर्षों से अंक ज्योतिष और नामांक में विश्वास करते हैं। वे मानते हैं कि “11A” का अंक उनके लिए शुभ था – और इस घटना ने उनकी आस्था को और मज़बूत किया।
निष्कर्ष
241 यात्रियों की मौत के बाद एकमात्र जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं। रमेश विश्वास कुमार की यह कहानी बताती है कि कभी-कभी ‘सामान्य’ दिखने वाली बातें जैसे सीट नंबर – जीवन और मृत्यु का फर्क बना सकती हैं। https://newsupdateslive.com/


