भारत में बाढ़ से बचाव: जलवायु परिवर्तन रोककर सुरक्षित बारिश

भारत को बाढ़ और जलवायु परिवर्तन से कैसे बचाया जा सकता है?

भारत में बाढ़ और जलवायु परिवर्तन से बचाव

 

भारत हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की चुनौती झेलता है।

इसका मुख्य कारण अत्यधिक बारिश, बादल फटना, डैम से पानी छोड़ना और जलवायु परिवर्तन है।

यदि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएँ, तो इस संकट को कम किया जा सकता है।

https://www.worldbank.org/en/news/feature/2013/06/19/india-climate-change-impacts

बाढ़ से बचाव के उपाय

भारत को बाढ़ से बचाने के लिए नदियों का प्रबंधन सुधारना ज़रूरी है।

नदियों की गहराई बढ़ाना, किनारों पर तटबंध बनाना और वेटलैंड्स को सुरक्षित रखना बाढ़ रोकने में मदद करता है।

शहरी क्षेत्रों में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और पंपिंग स्टेशन लगाकर पानी निकासी आसान की जा सकती है।

वहीं, डैम और बैराज से पानी छोड़ने की नीति को चरणबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से लागू करना चाहिए।

https://www.ndrf.gov.in/en/ndrf-units

क्षेत्र / राज्यमुख्य कारणप्रभाव / स्थिति
पंजाबनदियों का जलस्तर बढ़ना, डैम से पानी छोड़ा जानाखेत और निचले इलाके डूबे, गाँव प्रभावित
हिमाचल प्रदेशबादल फटना, अत्यधिक बारिश, भूस्खलनसड़कें टूटीं, पुल बह गए, कई गाँव कटे
यमुना क्षेत्र (दिल्ली-हरियाणा-UP सीमा)डैम से छोड़ा गया पानी, लगातार बारिशनिचले इलाकों में बाढ़, हजारों लोग प्रभावित

https://ndma.gov.in/hi

जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण

ग्लोबल वार्मिंग के कारण बारिश का पैटर्न बदल रहा है। कभी बहुत ज़्यादा तो कभी बहुत कम बारिश हो रही है।

इसे नियंत्रित करने के लिए भारत को कार्बन उत्सर्जन कम करना होगा।

सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और वृक्षारोपण से जलवायु संतुलन बेहतर हो सकता है।

साथ ही, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और पानी बचाने वाली खेती से जल संकट और बाढ़ दोनों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

अगर सरकार और जनता मिलकर प्रयास करें तो आने वाले दशक में भारत बाढ़ के खतरे से काफी हद तक बच सकता है और सुरक्षित मानसून का अनुभव कर सकता है।

https://www.drishtiias.com/hindi/daily-updates/daily-news-editorials/flood-management-in-india-1

Leave a Reply