भारत कोकिंग कोल IPO में GMP की जोरदार तेजी: लिस्टिंग से पहले मजबूत संकेत

IPO स्ट्रक्चर और खास बातें
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का IPO ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में आई तेजी के कारण निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।
Chittorgarh से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IPO के लिस्ट होने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जो मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद को दर्शाती है।
IPO की मुख्य जानकारी (एक नजर में)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सब्सक्रिप्शन तिथि | 9 जनवरी से 13 जनवरी 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹21 – ₹23 प्रति शेयर |
| इश्यू साइज | लगभग ₹1,071 करोड़ |
| इश्यू टाइप | पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) |
| पैरेंट कंपनी | कोल इंडिया लिमिटेड (100% सब्सिडियरी) |
| GMP ट्रेंड | ग्रे मार्केट में शुरुआती संकेतों से मजबूत मांग |
भारत कोकिंग कोल IPO का GMP ट्रेंड
आमतौर पर GMP में तेजी यह संकेत देती है कि अनलिस्टेड मार्केट में निवेशकों का भरोसा मजबूत है और वे लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं।
हालांकि GMP आधिकारिक पैमाना नहीं होता, फिर भी यह बाजार की शुरुआती सोच को समझने में मदद करता है।
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी कंपनी को इससे कोई नया फंड नहीं मिलेगा।
इसके बावजूद, कंपनी की स्थिर उत्पादन क्षमता, बड़े कोयला भंडार और भविष्य में स्टील सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
निवेशकों की नजर क्यों है इस IPO पर
भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टील इंडस्ट्री में बढ़ती जरूरतों के चलते कोकिंग कोल की मांग लंबे समय तक बनी रहने की उम्मीद है।
कोल इंडिया जैसी मजबूत पैरेंट कंपनी का समर्थन इस IPO को भरोसेमंद बनाता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो PSU शेयरों में रुचि रखते हैं।
भारत कोकिंग कोल IPO में GMP की बढ़ोतरी बाजार में सकारात्मक माहौल को दर्शाती है।
किसी भी निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और अपने निवेश लक्ष्य जरूर देखें।
GMPअनौपचारिक होता है और इसमें बदलाव संभव है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं।
