EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत में चुनौतियाँ और अवसर
EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान स्थिति
https://www.tatapower.com/ezcharge
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में पिछले कुछ सालों में तेज़ी आई है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन की संख्या अभी भी पर्याप्त नहीं है।
- वर्तमान में भारत में करीब 10,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जो तेजी से बढ़ रहे हैं।
- बड़े शहरों में चार्जिंग की सुविधा अधिक है, लेकिन ग्रामीण और छोटे शहरों में इसकी कमी है।
मुख्य चुनौतियाँ
- चार्जिंग स्टेशन की कमी – EV की बिक्री बढ़ने के बावजूद चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या कम है।
- उच्च इंस्टॉलेशन लागत – फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने में ₹5-7 लाख तक खर्च आता है।
- ग्रामीण बिजली समस्या – कई जगह वोल्टेज और सप्लाई EV चार्जिंग के लिए पर्याप्त नहीं है।
https://www.ibef.org/industry/electric-vehicle
अवसर
- सरकारी योजनाएँ – FAME-II योजना में EV चार्जिंग स्टेशन पर सब्सिडी मिल रही है।
- प्राइवेट इन्वेस्टमेंट – Ola Electric, Tata Power, Jio-BP जैसी कंपनियाँ तेजी से नेटवर्क बढ़ा रही हैं।
- नई टेक्नोलॉजी – वायरलेस चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग से चार्जिंग टाइम घटेगा।

