EV सस्ते होने के पीछे है गोवेर्मेंट की नयी योजनाए जिससे होगा सभी को फ़ायदा
सरकार की नयी योजनाए :-
भारत सरकार लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों (ev) को बडबा देने के लिए योजनाए और नीतिया ला रहे है ! इसका सीधा फायदा लोगो को मिलेगा!
सभी लोगो ने इस मुका का फायदा उठाना ताकि EV का प्रचार हो सके जायदा से जायदा
सब्सिड़ी और टेक्स छूट – सरकार EV खरीदने पर ग्राहकों को सब्सिडी दे रहे है और रजिस्ट्रेशन टैक्स व रोड टैक्स मई भी छूट दी जा रही है
GST मैं कटोती – EV पर GST शरीफ ५ % रखा गया है जबकि पेट्रोल और डीज़ल जैसे गाडियो मैं २८ % तक हैं
चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क – सरकार देशभर मै तेज़ी से चार्जिंग स्टेशन बना रहे है जिससे लोगो को EV इस्तेमाल करने मई आसानी होगी
इन सभी प्रयासों से आने वाले समय में EV की कीमत और कम होगी, जिससे हर वर्ग के लोग इसका फायदा उठा सकेंगे।
EV सस्ते होने के पीछे प्रमुख
स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा– सरकार make in india और PLI स्कीम के तहत EV और बैटरी बनाने वाली कम्पन्यों को प्रोत्साहन दे रहे है!
| तुलना का बिंदु | पेट्रोल / डीज़ल वाहन | इलेक्ट्रिक वाहन (EV) |
|---|---|---|
| कीमत | शुरुआती कीमत थोड़ी कम, लेकिन ईंधन खर्च ज्यादा | शुरुआती कीमत थोड़ी ज्यादा, लेकिन सब्सिडी और कम चार्जिंग खर्च से सस्ता |
| ईंधन / ऊर्जा खर्च | ₹100-₹120 प्रति लीटर पेट्रोल/डीज़ल | ₹1.5 – ₹2 प्रति किलोमीटर (चार्जिंग) |
| मेंटेनेंस | इंजन, गियरबॉक्स, ऑयल चेंज, फिल्टर आदि पर ज्यादा खर्च | बहुत कम पार्ट्स, इंजन ऑयल की जरूरत नहीं, मेंटेनेंस बहुत कम |
| पर्यावरण प्रभाव | प्रदूषण अधिक, कार्बन उत्सर्जन ज्यादा | शून्य उत्सर्जन, पर्यावरण के अनुकूल |
| टैक्स और सब्सिडी | कोई खास सब्सिडी नहीं | सरकार की FAME-II, राज्य पॉलिसी, टैक्स छूट |
| लोन व ब्याज दर | सामान्य वाहन लोन की दरें | EV पर कम ब्याज दर और आसान लोन सुविधा |
| चार्जिंग/फ्यूलिंग | हर जगह पेट्रोल पंप उपलब्ध | चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, घर पर भी चार्जिंग संभव |
| लंबी दूरी (रेंज) | आसानी से 400-600 किमी एक फुल टैंक में | 150-500 किमी (मॉडल पर निर्भर) |
| भविष्य की संभावना | धीरे-धीरे डिमांड घटेगी | डिमांड और सपोर्ट तेजी से बढ़ रहा है |
बैटरी की कीमतों मैं गिरावट -EV का सबसे महंगा पार्ट बैटरी होता हैं नयी तकनीक और बड़े पैमाने पर उत्पादन से बैटरी की कीमत काम होती है
लोन और फाइनेंस सुबिधा – बैंक और NBFC अब ev खरीदने पर काम ब्याज दर पर लोन दे रहे है
नतीजा यह है कि आने वाले 2–3 सालों में EV की कीमतें पेट्रोल/डीजल गाड़ियों के बराबर या उससे भी कम हो सकती हैं।


