La Niña का असर: क्यों 2025-26 में दिल्ली-एनसीआर की ठंड होगी रिकॉर्ड तोड़
दिल्ली-एनसीआर इस साल ऐसी ठंड का सामना करने जा रहा है, जो पिछले कई दशकों में शायद ही कभी देखने को मिली हो।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की सर्दियाँ असामान्य रूप से ज्यादा ठंडी हो सकती हैं।
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है La Niña प्रभाव। यह समुद्री घटना मौसम के पैटर्न को पूरी तरह बदल देती है
और उत्तर भारत में पारा तेजी से नीचे चला जाता है।
La Niña क्या है?
La Niña प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है।
इस दौरान समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ठंडा हो जाता है।
इसका असर वायुमंडलीय दबाव और हवाओं की दिशा पर पड़ता है।
नतीजा यह होता है कि दुनिया के कई हिस्सों में मौसम के पैटर्न बदल जाते हैं।
भारत पर La Niña का असर
भारत में La Niña की वजह से मानसून और सर्दी दोनों मौसम प्रभावित होते हैं।
मानसून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा होती है।
सर्दियों में उत्तर भारत का तापमान औसत से कई डिग्री कम हो जाता है।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में ठंडी हवाएँ और घना कोहरा लंबे समय तक बना रहता है।
दिल्ली की सर्दियों और La Niña का संबंध
कड़ाके की ठंड – तापमान सामान्य से नीचे गिरकर पारा 2-3 डिग्री तक जा सकता है।
लंबा कोहरा – दिसंबर से फरवरी तक लगातार धुंध और विज़िबिलिटी की समस्या रहेगी।
ऊर्जा खपत – हीटर और गीजर के अधिक उपयोग से बिजली बिल बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य चुनौतियाँ – बच्चों और बुज़ुर्गों में खांसी-जुकाम, दमा और वायरल संक्रमण की संभावना अधिक होगी।
यात्रा में दिक्कतें – फ्लाइट और ट्रेनों की समयसारिणी प्रभावित हो सकती है।
दिल्लीवासियों के लिए ज़रूरी तैयारियाँ
गरम कपड़े और कंबल पहले से रखें।
घर की इन्सुलेशन व्यवस्था सुधारें ताकि कम ऊर्जा में गर्माहट बनी रहे।
यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट चेक करें।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें: पौष्टिक आहार, विटामिन और नियमित व्यायाम करें।
कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
FAQs: आम सवाल और जवाब
प्र.1: क्या La Niña हर साल होता है?
नहीं, यह हर साल नहीं होता। आम तौर पर 2 से 7 साल के अंतराल में La Niña और El Niño जैसी घटनाएँ होती हैं।
प्र.2: दिल्ली-एनसीआर में ठंड कितनी बढ़ सकती है?
IMD के अनुसार, 2025-26 में तापमान पिछले 30 सालों के औसत से 2-4 डिग्री तक कम हो सकता है।
प्र.3: La Niña का असर कितने समय तक रहेगा?
आमतौर पर इसका असर 9 से 12 महीने तक रहता है, लेकिन मौसम की परिस्थितियों के अनुसार यह बदल भी सकता है।
https://mausam.imd.gov.in/imd_latest/contents/monsoon.php
La Niña और दिल्ली की ठंड का सीधा संबंध है। जब भी La Niña की स्थिति बनती है, दिल्ली-एनसीआर की सर्दियाँ अधिक कड़ाके की हो जाती हैं।
यदि लोग समय रहते तैयारी करें, तो यह सर्दी मुश्किल नहीं बल्कि एक सुरक्षित और आरामदायक मौसम बन सकती है।


