नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री खून से लथपथ, खेत में असहाय बैठे रहे, पत्नी को ज़िंदा जलाया गया
नेपाल की राजनीति से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है।
खबरों के मुताबिक नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पर हुए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री खेत में खून से लथपथ, असहाय अवस्था में पड़े रहे जबकि उनकी पत्नी को बेरहमी से ज़िंदा जलाया गया।
यह घटना न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी चिंता का विषय बन गई है।
नेपाल जैसे संवेदनशील देश में, जहां पहले भी राजनीतिक हिंसा और अशांति देखने को मिलती रही है,
इस तरह का हमला एक बार फिर लोकतांत्रिक ढांचे को हिलाने वाला साबित हो सकता है।
हमले के पीछे की वजह
हालांकि अभी तक इस वारदात की आधिकारिक पुष्टि और जांच जारी है,
लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और व्यक्तिगत दुश्मनी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल की सत्ता संघर्ष और जातीय राजनीति में हिंसा एक सामान्य पहलू बन चुकी है।
जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में गुस्सा साफ देखा जा रहा है। लोगों का कहना है
कि यदि एक पूर्व प्रधानमंत्री तक सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा?
सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से जवाब मांग रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
नेपाल के पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
भारत समेत कई देशों ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है और न्यायिक कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पर हुआ यह हमला केवल एक व्यक्ति पर वार नहीं,
बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर सीधा प्रहार है।
अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से इस घटना की जांच कर दोषियों को सजा दिला पाती हैं।


