शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की वीर गाथा – शादी के महीनों पहले देश को दी कुर्बानी

शहीद हॉक-फोर्स इंस्पेक्टर आशीष शर्मा: शादी से पहले देश के लिए कुर्बान हुए, CM मोहन यादव ने दी अंतिम विदाई

शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की

 

यह घटना 19 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जंगलों में हुई

मध्य प्रदेश की हॉक-फोर्स के बहादुर इंस्पेक्टर आशीष शर्मा नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हो गए।

जहाँ वे पेट्रोलिंग के दौरान नक्सलियों से आमने-सामने भिड़ गए। उनकी शहादत ने पूरे प्रदेश को गमगीन कर दिया।

शादी जनवरी में होनी थी

आशीष शर्मा की निजी जिंदगी भी बहुत भावुक कहानी छोड़ गई। उनकी शादी जनवरी 2026 में होने वाली थी और परिवार तैयारियों में लगा था। लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय किया था।

उनकी शहादत की खबर ने परिवार और पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।

दो बार मिला था वीरता पदक

आशीष शर्मा हॉक-फोर्स के बेहद कुशल और साहसी अधिकारी थे।

  • नक्सल ऑपरेशनों में बड़ी सफलता पाने के कारण

  • उन्हें दो बार वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।

उनके नेतृत्व में टीम ने कई सफल अभियान चलाए। उनके कुछ ऑपरेशन हॉक-फोर्स में “मॉडल ऑपरेशन” के रूप में पढ़ाए जाते हैं।

CM मोहन यादव अंतिम यात्रा में शामिल हुए

शहीद इंस्पेक्टर की पार्थिव देह को 20 नवंबर को उनके पैतृक गांव बोहानी (नरसिंहपुर) लाया गया।

उन्होंने शहीद के परिवार के लिए सहायता राशि और नौकरी देने की घोषणा भी की।

यहाँ उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

पुलिस विभाग में गहरा दुख

श्रद्धांजलि सभा के दौरान पुलिस अधिकारियों से लेकर साथी जवानों तक, सभी की आँखें नम थीं।
कई वरिष्ठ अधिकारी भावुक हो उठे।

इससे समझा जा सकता है कि आशीष शर्मा न केवल बहादुर अधिकारी थे, बल्कि पूरी फोर्स के प्रिय सदस्य भी थे।

हमारी ओर से श्रद्धांजलि

आशीष शर्मा की शहादत देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान हमेशा याद किया जाएगा। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।

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