उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही
देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से कई लोग बेघर हो गए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
आपदा का ताजा हाल
सबसे ज्यादा नुकसान रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में हुआ है।
भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई गांवों का संपर्क टूटा।
सड़कों पर जगह-जगह मलबा जमा होने से यातायात बाधित है।
राहत और बचाव कार्य
NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
बेघर परिवारों को अस्थायी शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम जारी किए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई है। लोगों से नदियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
लोगों की आपबीती
ग्रामीणों का कहना है कि इस बारिश ने उनकी जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। कई घर जमींदोज हो गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
क्या करें और क्या न करें (Safety Tips)
मौसम विभाग के अलर्ट को नजरअंदाज न करें।
नदी और नाले के किनारे न जाएं।
आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. उत्तराखंड में सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन से हैं?
👉 रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
Q2. प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
👉 SDRF, NDRF और पुलिस टीमें बचाव कार्य कर रही हैं और प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में रखा जा रहा है।
Q3. क्या आने वाले दिनों में बारिश का खतरा और है?
👉 हाँ, भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
Q4. प्रभावित लोग सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
👉 जिला आपदा प्रबंधन केंद्र (DMMC) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

