Vodafone Idea AGR बकाया: क्या है असली हालात?

कंपनी पर मार्च 2025 तक लगभग ₹83,400 करोड़ का AGR बकाया है, जो इसके संचालन पर बड़ा दबाव बना रहा है।
Vodafone Idea (Vi) भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में से एक है,
लेकिन भारी AGR बकाये के कारण यह लंबे समय से आर्थिक संकट में है।
Vodafone Idea की मौजूदा स्थिति
AGR (Adjusted Gross Revenue) वह राशि है जो कंपनियों को सरकार को स्पेक्ट्रम और लाइसेंस शुल्क के रूप में चुकानी होती है।
Vi को न सिर्फ यह बकाया देना है बल्कि इसके ऊपर ब्याज और जुर्माने का भी बोझ है।
कुल देनदारी करीब ₹2 लाख करोड़ तक पहुँच चुकी है।
बैंक भी नए ऋण देने में संकोच कर रहे हैं, जिससे वित्तीय संकट और गहरा गया है।
सरकार की संभावित राहत योजना
सरकार इस संकट से कंपनी को बाहर निकालने के लिए कुछ विकल्पों पर विचार कर रही है
जैसे बकाया चुकाने की अवधि को 6 साल से बढ़ाकर 20 साल करना, या चक्रवृद्धि ब्याज की जगह साधारण ब्याज लागू करना।
हालांकि, सरकार ने यह साफ किया है
कि वह मुख्य राशि को माफ नहीं करेगी, केवल राहत के तौर पर भुगतान की शर्तें आसान कर सकती है।
भविष्य की संभावना
यदि Vi को समय पर राहत नहीं मिली, तो इसका असर पूरे टेलीकॉम सेक्टर पर पड़ सकता है।
एक और बड़ी कंपनी के बाहर होने से भारत में सिर्फ दो बड़े ऑपरेटर रह जाएंगे,
जिससे प्रतिस्पर्धा कम और उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
यह भारत के टेलीकॉम सेक्टर की स्थिरता से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
Vodafone Idea का AGR बकाया केवल एक कंपनी की समस्या नहीं है
आने वाले महीनों में सरकार के फैसले तय करेंगे कि Vi इस संकट से बाहर निकल पाएगी या नहीं।
